वक़्फ़ विधेयक: हो गया संसद में पारित, दोनों सदनों से आसानी से पारित; क़ानून बनने के एक क़दम और करीब

सारांश: वक़्फ़ विधेयक को संसद से मंजूरी मिल गई है। राज्यसभा में वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक 2025 पर चर्चा के दौरान अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कोशिश करके कहा कि  board एक वैधानिक निकाय के रूप में कार्य करता है, जिसमें धर्मनिरपेक्ष


Highlights

1.) रिजिजू ने कहा कि सरकार वक़्फ़ विधेयक के जरिए कोई मुस्लिम का अधिकार को प्रभावित नहीं करने का प्रयास नहीं कर रही है।
2.) लोकसभा से पारित होने के बाद राज्यसभा ने भी इस विधेयक को मंजूरी दी, जहाँ 128 सदस्यों ने इसके पक्ष में और 95 विरोध में मतदान किया।
3.) राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह विधेयक क़ानून बनेगा।
4.) लोकसभा में विधेयक को पारित किया गया था लेकिन इसके बाद राज्यसभा में विपक्ष ने अपनी  गुस्ताखी दिखाई।
5.) रिजिजू ने कहा कि विपक्षी पार्टियाेन वक़्फ़ विधेयक के माध्यम से मुस्लिम समुदायों में डर फैलाने का प्रयास कर रही हैं।

राजनीति का अड्डा, नई दिल्ली:


वक़्फ़् (संशोधन) विधेयक, 2025 और मुसलमान वक़्फ़ (निरसन) विधेयक, 2025

वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक, 2025 वक़्फ़ संपत्तियों के पहुँच और निगरानी से जुड़ी पुरानी समस्याओं का समाधान करता है। यह विधेयक समावेशी निर्णय-निर्माण ढांचे के साथ तालमेल बैठने के साथ-साथ वक़्फ़ संपत्तियों के अधिक कुशल उपयोग की भी सुनिश

8 अगस्त 2024 को लोकसभा में दो संबंधित या संबंधित विधेयक एक साथ लाये गये।

1.) वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक, 2024
2.) मुस्लिम वक़्फ़ (निरसन) विधेयक 2024


ये विधेयक वक़्फ़ बोर्ड के कार्य को सुधारने के लिए और वक़्फ़ संपत्तियों के लिए बेहतर प्रबंधन प्रणाली और पारदर्शी प्रक्रियाएँ स्थापित करने के लिए काम करते हैं।

मुसलमान वक़्फ़ (निरसन) विधेयक 2025 का उद्देश्य है पुराने और पुराने मुसलमान वक़्फ़ अधिनियम, 1923 को निरस्त करना, जिसे ब्रिटिश शासन के दौरान लाया गया था। यह कानूनी निरसन वक़्फ़ अधिनियम, 1995 के तहत शासन प्रणाली को संगठित करने का प्रयास है जिसस

वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक, 2025 वक़्फ़ अधिनियम, 1995 में आवश्यक सुधारों के माध्यम से परिवर्तन लाता है।
प्रस्तावित विधेयक वर्तमान अधिनियम में सुधार लाने का प्रयास करता है।
वक़्फ़ बोर्डों की कारगुज़ारी को नए सुधारों से किया जाएगा।
अधिनियम का नाम स्पष्ट करने के लिए बदला जाएगा।
वक़्फ़ से संबंधित शब्दों के अर्थों में संशोधन की आवश्यकता बताई गई।
पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और सरल बनाया जाएगा।
वक़्फ़ रिकॉर्ड के प्रबंधन और रखरखाव को सुधारने के लिए नई-नई तकनीकी माध्यमों का सहारा लिया जाएगा।
ये आधुनिकीकरण से संबंधित सुधार पूरे भारत में वक़्फ़ संपत्तियों के परिचालन के लिए एक बेहतर और जवाबदेह ढांचा विकसित करने के लिए केंद्रित हैं।

वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक, 2024 के मुख्य बिंदु और विशेषताएं:
संयुक्त संसदीय समिति द्वारा वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक, 2024 की समीक्षा

9 अगस्त 2024 को संसद के दोनों सदनों ने प्रस्ताव पारित किए, जिनके तहत वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक, 2024 को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास समीक्षा के लिए भेजा गया। इस समिति में लोकसभा के 21 सदस्य और राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल थे।

विधेयक की महत्ता और व्यापक प्रभाव को देखते हुए समिति ने यह निर्णय लिया कि वह सार्वजनिक समूहों, विषय विशेषज्ञों, हितधारकों और संबंधित ज्ञान रखने वाले संगठनों से प्रतिक्रिया प्राप्त करेगी, ताकि विधेयक की समीक्षा व्यापक और संतुलित रूप से की जा सके।


प्रस्तावित विधेयक वर्तमान अधिनियम में सुधार लाने का प्रयास करता है।
वक़्फ़ बोर्डों की कारगुज़ारी को नए सुधारों से  किया जाएगा।
अधिनियम का नाम स्पष्ट करने के लिए बदला जाएगा।
वक़्फ़ से संबंधित शब्दों के अर्थों में संशोधन की आवश्यकता बताई गई।
पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और सरल बनाया जाएगा।
वक़्फ़ रिकॉर्ड के प्रबंधन और रखरखाव को सुधारने के लिए नई-नई तकनीकी माध्यमों का सहारा लिया जाएगा।
ये आधुनिकीकरण से संबंधित सुधार पूरे भारत में वक़्फ़ संपत्तियों के परिचालन के लिए एक बेहतर और जवाबदेह ढांचा विकसित करने के लिए केंद्रित हैं।

समिति के कार्यक्रमों व जनसंपर्क क्रियाकलाप

  • समिति द्वारा आयोजित की गई 36 बैठकों में मंत्रालयों/विभागों के प्रतिनिधियों, राज्य सरकारों, राज्य वक़्फ़ बोर्डों और संबंधित विषय विशेषज्ञों से बयान लिए गए।

  • समिति को 97,27,772 ज्ञापन जनता के तरफ से मिले जिनसे भौतिक और डिजिटल दोनों माध्यमों से भेजे, यह संख्या व्यापक जनभागीदारी को दर्शाती है।

  • समिति ने देश के 10 शहरों में व्यापक क्षेत्रीय प्रत्येकीक्षण भी किया, ताकि वक़्फ़ संपत्तियों की वास्तविक स्थिति और सामने आने वाली चुनौतियों का पूरा ज्ञान प्रत्यक्ष रूप से हो सके। इन स्थलीय दौरों से होने वाली जानकारी ने समीक्षा प्रक्रिया को और भी मजबूत

क्षेत्रीय दौरे का समय सारिणी यह रहा:

  • 26 सितंबर से 1 अक्टूबर 2024: मुंबई, अहमदाबाद, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु
  • 9 नवंबर 2024 से 11 नवंबर 2024: गुवाहाटी - भुवनेश्वर
  • 18 जनवरी से 21 जनवरी 2025: पटना, कोलकाता और लखनऊ

Conclusion

वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट निष्पक्ष और पारदर्शी प्रबंधन को बढ़ावा देती है, इस प्रकार कुशलता से वक़्फ़ संपत्तियों के प्रबंधन के लिए भी काम करती है। समिति ने व्यापक दृष्टिकोण लेते हुए हितधारकों की चिंता

प्रस्तावित संशोधन एक समावेशी ढांचे के निर्माण की दिशा में काम करते हैं, जिसमें जवाबदेही को आधुनिक तकनीकी विशेषताओं के साथ जोड़ा गया है ताकि यह विधायी ढांचा आज की सामाजिक जरूरतों को पूरा हो।











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