नोएडा में एक राजनेता के साथ ऑनलाइन 3 करोड़ रुपये की ठगी के कारण देशभर में UPI सेवा ठप हो गई।
नोएडा में एक 77 वर्षीय सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी हाल ही में ₹3.14 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुआ है। उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोपों में फंसाकर 16 दिनों तक "डिजिटल गिरफ्तारी" में रखा गया था। हालाँकि, UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) प्रणाली के देशव्यापी डाउन होने से इस घटना का कोई संबंध नहीं है। Video dekhne ke liye visit this link घटना का परिचय: पीड़ित की पहचान : 77 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी, जो अपनी पत्नी के साथ नोएडा के सेक्टर 75 में रहते हैं। घटना का समय : 26 फरवरी से 12 मार्च 2025 तक का समय ठगी करने का तरीका: साइबर अपराधियों ने उन्हें झूठे मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में फंसाया और RTGS के माध्यम से ₹3.14 करोड़ की राशि उनके खातों में भेजी। UPI सिस्टम की स्थिति: UPI प्रणाली वर्तमान में सामान्य रूप से काम कर रही है, और इसके डाउन होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। इसलिए, उपरोक्त साइबर धोखाधड़ी की घटना का देशव्यापी UPI सेवा से कोई संबंध नहीं है। साइबर धोखाधड़ी से बचने के उपाय: संदिग्ध कॉल्स से बचें: यदि कोई सरकारी संस्था से संपर्क कर आपसे धन की मांग कर...